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Thursday, August 18, 2011

जन लोकपाल बिल के लिए जनता से ही वोटिंग - सुझाव


सरकार को सरकारी लोकपाल बिल ऑर अन्ना हज़ारे जी की टीम द्वारा बनाई लोकपाल बिल दोनो को जनता के समक्ष लाना चाहिए और क्योंकि इस बिल के पास होने पर जनता की भलाई होगी, इसलिए जनता को ही इन दोनो बिल में से एक बिल को वोट कर के चुनाव करने का हक मिलना चाहिए.

मेरा सरकार एवम विपक्ष दोनो से यह निवेदन है की सरकार की सहायता से जनमत सॅंग्रह कराए ओर भारत की आम जनता से वोटिंग कराए की सरकारी लोकपाल बिल चाहिए या फिर अन्ना हज़ारे जी की लोकपाल बिल चाहिए. क्योंकि यह जनतंत्र है इसलिए जनता का मत लेना चाहिए, इस से सभी को पता चल जाएगा की जनतंत्र की मर्ज़ी क्या है.

मेरा यह निवेदन है की ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को यह सुझाव  भेजा जाए ताकि इस सुझाव से इस विवाद का निवारण हो सके.

जगतगुरू वामाचार्या सेवक संजयनाथ.

Tuesday, August 16, 2011

अन्ना हज़ारे देश की जनता की आवाज़

अन्ना हज़ारे जी के लोकपाल बिल को सरकार अगले २४ घंटे में मानेगी| अन्ना हज़ारे की गिरफ्तारी आम आदमी की गिरफ्तारी का प्रतीक है| १६ अगस्त की क्रांति भारत के लिए एक नया रूप ले कर आएगी| १६ अगस्त की यह घटना इस बात का प्रतीक है की कोई भी सरकार जनता से बढ़ कर नही है| सरकार जनता ने बनाई है ओर जनता की बात सरकार को माननी होगी.जनता जो चाहेगी लोकतंत्र में वही होता है. लोकतंत्र में सरकार से बड़ा जनतंत्र है.

मनमोहन सिंग ने इंदिरा की पुरानी याद को ताज़ा किया

यह कॉंग्रेस पार्टी उस इंदिरा की ग़लती को भूल चुकी है,इसी प्रकार इंदिरा ने पूर्व में भारत में एमर्जेन्सी लगाया था ऑर जो लोग समाज के लिए लड़ रहे थे उन पर करवाही कर के उन्हे जेल भेजा था.साथ ही साथ मनमोहन सींग को मिस्र (ईजिप्ट) की घटना से सीखना चाहिए.मुबारक ओर मनमोहन में कोई फरक नही है|
भारत में भी ईजिप्ट जैसा आंदोलन होगा ऑर भारत की जनता कॉंग्रेस ऑर सरकार के इन भ्रष्ट नेताओं को नही छोड़ेगी.
सरकार को अन्ना के लोकपाल बिल को मानना पड़ेगा वरना इस सरकार के सत्ता में अब कुछ ही दिन बाकी है !!!
मेरी सुप्रीम कोर्ट से यह अपील है की इस अनैतिक करवाही पर अपना जल्द से जल्द कोई उत्तर दे.

Monday, August 15, 2011

गुरुनाथ अखाड़ा का अन्ना हज़ारेज़ी को समर्थन

15th Aug2011 - आज गुरुनाथ अखाड़ा की बैठक करते हुए जगतगुरू वमाचर्या ने अपने संबोधन में कहा की जब से देश आज़ाद हुआ है, तब से हम भारतीय लगातार भ्रष्ट अफ़सर एवम भ्रष्ट नेताओं के कारण हम परेशान हुए ही हैं, साथ ही साथ देश की भी छवि विश्व स्तर पर खराब हुई है| आम लोग इन भ्रष्ट लोगों के खिलाफ बोलने से इसलिए डरते हैं क्योंकि उन्हे डर रहता है की यदी वे मुँह खोलेंगे तो उनके बाद उनके परिवार को कौन देखेगा!!! यही कारण है की आम जनता कभी कुछ नही कर पाती है|
इसलिए साधु संतों और समाजसेवकों को ही इसके लिए आगे आना पड़ता है. इसका प्रमाण जब इंदिरा गाँधी के समय में उनका अत्याचार बढ़ा तो लोक नायक जय प्रकाश नारायण जी को सामने आना पड़ा था ऑर जब अँग्रेज़ों का अत्याचार बढ़ा तो गाँधीजी को आगे आना पड़ा| जब मुगलों का अत्याचार बढ़ा तब शिवाजी के साथ समर्थ राम दास जैसे सन्यासी को  आगे आना पड़ा| आज भी देश की वही स्थिति हो चुकी है, जब अन्ना के साथ राम देव बाबा भी समर्थन में आयेज आए हैं. और यह भ्रष्ट सरकार उनके सामाजिक कार्यों को पीछे छोड़ उन पर इल्ज़ाम लगाने में व्यस्त है. सरकार अपनी ग़लतियाँ भूल कर समाजसेवियों की इंक्वाइरी करने में व्यस्त है.
जगतगुरू ने सभी संतों को संबोधित करते हुए कहा की हम सब शिवाजी नही बन सकते हैं परंतु समर्थ राम दास जी के जैसे अन्ना जी का समर्थन देश से भ्रष्टाचार मिटाने के लिए अवश्य कर सकते है| साथ ही साथ इस ब्लॉग के मध्यम से सभी साधु संतों से मेरा यह अपील है की वह जहा कहीं भी है वहीं से अन्ना हज़ारे जी को समर्थन दें तभी इस देश से भ्रष्टाचार ख़त्म हो पाएगा.

अन्ना हज़ारे जी से जगतगुरू वमाचर्या सेवक संजयनाथ की ओर से पूरा समर्थन है अथवा समय आने पर वह स्वयं अन्ना जी के साथ अनशन करने को भी तत्पर रहेंगे, 

Tuesday, June 07, 2011

लोगों ने दी गिरफ्तारी बाबा के समर्थन में उतरे संन्यासी - Prabhat Khabar


रक्सौल (पू च) : अपनी बात सरकार से मनवाने के लिए अगर कोई दर्जनों मामलों का आरोपित नेता अनशन पर बैठता है, तो उसे राजनीतिज्ञ कहा जाता है. वही, शांति पूर्ण माहौल में अगर कोई साधु-संत भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर अनशन करता है, तो सरकार अपने वरदीधारियों से उन पर लाठी चलवाती है.
उक्त बातें सीमाई शहर रक्सौल स्थित डाकघर चौक पर सोमवार को गुरुनाथ अखाड़ा के संस्थापक वामाचार्य सेवक संजय नाथ ने योग गुरू बाबा रामदेव व उनके समर्थकों पर की गयी पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में आयोजित सांकेतिक धरना में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही.
वामाचार्य ने केंद्र सरकार की तीव्र भर्त्सना करते हुए कहा कि जब भी इस देश पर भ्रष्ट नेताओं की राजनीति हावी हुआ, वहीं से देश विखंडन की ओर बढ़ा. उन्होंने निरंकुश कांग्रेसी नेताओं को भ्रष्टाचार में लिप्त बताया. साथ ही मंगलवार को रक्सौल बंद को सफल बनाने के लिए उन्होंने सभी व्यवसायियों से अपनी-अपनी दुकानों को बंद रखने की अपील की.
सांकेतिक धरना के बाद जगतगुरु वामाचार्य अपने शिष्यों एवं अनुयायियों के साथ रक्सौल थाना में गिरफ्तारी दी. रक्सौल इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी देने वालों में सेवक संजय नाथ, सेवक सौरभनाथ, चंद्रशेखर भारती, दीपक श्रीवास्तव, डा स्वयंभू शलभ, ईवरर चंद्र कुशवाहा, विजय शर्मा, कुंदन सिंह, सेवक शिवनाथ, अवध किशोर पटेल, प्रकाश, चंदन पांडेय, रूपेश मिश्र, अनिल अग्रवाल, जगदेव महतो सहित अन्य शामिल हैं.
इन्हें गिरफ्तारी के बाद बेल पर छोड़ दिया गया. धरना को शांतिपूर्ण संपन्न करने के लिए धरना स्थल पर दारोगा उमाशंकर सिंह के साथ जवानों को प्रतिनियुक्त किया गया था.

Monday, June 06, 2011

बाबा रामदेव के समर्थन में सड़क पर उतरे लोग- Jagran


रक्सौल। भ्रष्टाचार व काले धन की वापसी के मुद्दे पर दिल्ली में अनशन के दौरान योग गुरू बाबा रामदेव की गिरफ्तारी व उनके समर्थकों पर दमनात्मक कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को शहर के विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस क्रम में गुरुनाथ अखाड़ा व विश्व हिन्दू वामाशक्ति के कार्यकर्ताओं ने अखाड़ा के संस्थापक सेवक संजयनाथ के नेतृत्व में जुलूस निकालकर पोस्ट ऑफिस चौक पर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए श्री नाथ ने केन्द्र सरकार की तीव्र आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचारियों को प्रश्रय दे रही है। जब इस देश के साधु-संत उनके काले करतूतों को जनता के सामने उजागर करते हैं, तो उन्हें ठग की उपाधि दी जाती है। इस सरकार को बाबा रामदेव व उनके समर्थकों पर किए गए अत्याचार का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस दौरान सेवक संजयनाथ, अखाड़ा के महामंत्री सेवक सौरभनाथ, वामाशक्ति के महामंत्री चंद्रशेखर भारती, दीपक श्रीवास्तव, डा. स्वयंभू शलभ, ईश्वरचंद्र कुशवाहा, विजय शर्मा, कुंदन सिंह, सेवक शिवनाथ, अवधकिशोर पटेल, ई. रविप्रकाश, चंदन पांडेय, रूपेश मिश्रा, अनिल अग्रवाल, जगदेव महतो आदि ने गिरफ्तारी दी।

रामदेव बाबा के समर्थन में जगतगुरू ने पुलिस को स्वयं दी गिरफ्तारी

जगतगुरू वमाचार्या सेवक संजयनाथ जी ने भारत के प्रमुख संत रामदेव बाबा और उनके समर्थको के उपर कॉंग्रेस की सरकार द्वारा  आँसू गॅस छोड़ने एवम् लाठी चार्ज करने की इस घटना की निंदा करते हुए कहा की सरकार ने इंदिरा गाँधी के समय हुई आपातकालीन स्थिति को याद कराया है | उस वक्त एमर्जेन्सी के समय इंदिरा गाँधी ने धीरेन्द्र ब्रह्मचारीजी को अर्रेस्ट करवाया था और तब धीरेन्द्र ब्रह्मचारी जी ने इंदिरा गाँधी को बोला था की "मुझे तो कहीं भी रहने की आदत है पर तुम इस जेल को ए सी बनवा लो क्योंकि बहुत जल्द तुम जेल में आने वाली हो."
रक्सौल थाना रोड पर इस सभा को संबोधित करते हुए जगतगुरू ने कहा की जब भ्रष्‍ट और क्रिमिनल नेता धरना देते हैं तो यह लोग उसे राजनीति कहते हैं, लेकिन जब एक समाजसेवी , संत सन्यासी भ्रष्टाचार के खिलाफ शांति पूर्ण ढंग से आमरण अनशन करता है तो यह कॉंग्रेस सरकार उसे ठग एवम् पाखंडी कहती है|
यहा तक की दिग्विजय सिंग यह भूल चुके हैं की भारत संतों का देश है,जब जब भारत में अत्याचार हुआ है तब तब कोई ना कोई नया संत भारत की भूमि पर अवतरित हुआ है और उसने सत्ता परिववार्तन का शंखनाद किया है|

दिग्विजय सिंग को यह पता नही है की उनके पड़ोसी राज्य बिहार में जब राजाओं का अत्याचार बढ़ गया था तो उस समय भी एक संत चाणकय का अवतरण हुआ था और उन्होने ही एक नन्हे से बालक चंद्रगुप्त को अत्याचारी राजाओं के विरुढ़ शंखनाद करने का आदेश दिया. तब भी दिग्विजय सिंग कहते हैं की साधु संतों को राजनीति नही करनी चाहिए, जबकि उन्हे मालूम होना चाहिए की चाणकया नीति से बढ़कर राजनीति की कोई और किताब नही है ओर दुनिया भर में उनकी नीतियों से प्रेरित होकर ही राजनीति चलती है|  इस  उदाहरण से भी यदि उन्हे ज्ञान ना मिले तो अपने दूसरे पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के इतिहास की ओर देखे, वहाँ पर भी जब भारत में विदेशियों द्वारा प्रचार हो रहा था तो स्वामी समर्थ रामदास गुरु ने छत्रपति शिवाजी जैसे बालक को अंग्रेज़ो के विरुद्ध युध रणनीति सिखाई और अंग्रेज़ो के खिलाफ उन्हे तैयार कराया| दिग्विजय सिंग को यह सब कहानियाँ पता है इसलिए वह डर गये हैं| वो जानते हैं की जब भारत में संत शंखनाद करता है तो दुष्ट लोगों का विनाश संभव ही होता है|
अपने संबोधन में सेवक संजयनाथ जी ने कहा की जिनका भी पैसा विदेशी बैंको में है उन सभी नेताओं ने रामदेव बाबा के खिलाफ बोला है, जैसे उदाहरण स्वरूप दिग्विजय सिंघ और लालू यादव. इन लोगो की बैचैनी बढ़ गयी है|

जगतगुरू ने कॉंग्रेस सरकार से यह कहा की पुरातन काल से भारत वर्ष में सदेव ही साधु संतों की राय पर ही राजनीति चली है, जब से यह होना बंद हुआ है तब से ही राजनीति में भ्रष्टाचार बढ़ा है|
इसके बाद उन्होने आम जनता को संबोधित करते हुए जनता से कहा की साधु संत समाज के लिए होते है, उनपर देर रात में चोरी छुपे पुलिस कार्यवाही को ग़लत करार देते हुए रामदेव बाबा के समर्थन में उन्होने अपने अनेकों भक्तो के साथ स्वयं रक्सौल पुलीश स्टेशन में जाकर अपनी गिरफ्तारी दर्ज कराई|

उन्होने कहा की सोनिया गाँधी और कॉंग्रेस सरकार जब तक रामदेव बाबा से माफी नही माँगेगी यह क्रांति ऐसे ही चलती रहेगी.
जगतगुरू वामाचार्या सेवक संजयनाथ ने अपने गुरुनाथ अखाड़ा की ओर से अपने १६ हज़ार समर्थको के साथ रामदेव बाबा की इस सत्याग्रह आंदोलन में समर्थन देने का वचन दिया है|