रक्सौल,पूच। माता पार्वती ने बारह वर्षो की तपस्या के बाद शिव को प्राप्त किया था। धर्म शास्त्रों पर नजर डालें, तो महादेव गरीब व भिक्षाटन करने वाले देवता व माता पार्वती राजा की पुत्री थी। इसको लेकर विरोध हुआ, परंतु जप-तप व देवगण की कृपा से शादी संपन्न हुई। दहेज प्रथा के अंत व समतामूलक समाज की स्थापना के लिए इस भौतिकवादी युग में कुछ इसी प्रकार की आवश्यकता है। समाज के पढ़े-लिखे अभिभावक व युवा वर्ग जो अपनी सभ्यता-संस्कृति की समझ रखते है, उन्हें जात-पात से उपर उठकर सादे समारोह में पाणिग्रहण संस्कार के लिए आगे आना चाहिए। इसके लिए वर-वधु दोनों पक्ष के सगे-संबंधी का राजी होना आवश्यक है। उक्त बातें महाविशरात्रि के अवसर पर अंतरजातीय विवाह करने वाले सीतामढ़ी निवासी वर्तमान में रक्सौल में एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान के संचालक रामचंद्र पररशुरामपुरिया के पुत्र अनिल अग्रवाल व वाराणसी निवासी हरिदास श्रीवास्तव की पुत्री रश्मि श्रीवास्तव को कालीन्यास प्रांगण में सेवक संजयनाथ ने एक भव्य समारोह में सम्मानित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने 11 हजार नकद, प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र देकर युगल को आशीर्वाद दिया। उन्होंने ऐसे युगल को जो पात-पात से उपर उठकर विवाह करते हैं, उन्हें प्रत्येक वर्ष सम्मानित करने की घोषणा की। इस मौके पर प्रो. विनय कुमार, डा. स्वयंभू शलभ, किरणशंकर, अनिल सर्राफ, चंद्रशेखर भारती, विजय गुप्ता, दीपक श्रीवास्तव, ई. अशोक कुमार, सेवक सौरभनाथ सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
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Thursday, March 03, 2011
महाशिवरात्रि पर गूंजा हर-हर महादेव

रक्सौल,पूच। महाशिवरात्रि पर्व पर बुधवार को शहर के शिवालयों व मंदिरों में श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस पर्व को लेकर पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
स्थानीय काली मंदिर से कलश यात्रा के साथ विभिन्न झांकियों सहित भगवान शिव की बारात निकाली गई, जिसमें शामिल शिव के गण आकर्षण का केन्द्र बने रहे। शिव बारात नगर परिक्रमा के पश्चात सरिसवा नदी से जल लेकर पुन: मंदिर पहुंची, जहां वामाचार्य सेवक संजयनाथ द्वारा भगवान शिव का रूद्राभिषेक व जलाभिषेक के बाद पूजन व भष्म आरती की गई। इस दौरान अखंड अष्टयाम व भंडारा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अंतरजातीय विवाह करने वाले युगल अनिल अग्रवाल व रश्मि श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। इधर महाशिवरात्रि को लेकर शहर में खूब चहल-पहल रही।
Saturday, October 30, 2010
भारत की अखंडता के लिए हिंदुओं का एक होना आवश्यक - जगतगुरू वामाचर्या
भारत सरकार एवम बिहार सरकार ने तो हिंदुओं से टॅक्स ले कर सिर्फ़ अल्प संख्यको के लिए ही कार्य किया लेकिन डेहरी अनसौन की कोख से जन्मे एक बालक प्रदीप जोशी अपनी निजी राशि से प्रतेक वर्ष हज़ारों लड़कियों की शादी करवाने तथा प्रतेक वर्ष बिहार के कोने कोने से सैकड़ो बस खुलवा कर भगवान शिव के भक्तो को देवघर के दर्शन कराने का निशुल्क कार्य करते हैं. इतना ही नही वे डेहरी ओनसोन के जितने भी ग़रीब रोगी लोग हैं उनको अपने निवास पर आके अपना इलाज़ करवाने का एक नेक कार्य भी करते हैं. ऐसे ग़रीब लोगों को उनकी ओर से भोजन तथा रहने की सुविधा भी स्वयं श्री प्रदीप जोशी उपलब्ध करवाते हैं
ऐसे व्यक्ति के नाम के आगे श्री शब्द शोभित नही होता इसलिए आज जगतगुरू वमाचर्या ने उनके नाम के आगे सेवक होने की सम्मान की घोषणा की. जगतगुरू वामाचर्या ने देहरी ओनसोन में कहा की यदि राष्ट्र सेवा दल की सरकार बिहार में बनी तो हर साल १००० हिंदुओं को मानसरोवर यात्रा मुफ़्त या सरकारी कोष से उपलब्ध कराई जाएगी.
साथ ही साथ बिहार की वर्तमान सरकार को आड़े हाथ लेते हुए जगतगुरू ने उन पर बिहार की जनता को धोखा देने का दोष भी लगाया.
सरकार की गद्दी पाने के लिए आज से ५ साल पहले नीतीश जी ने कहा था की मैं १०० दिन के अंदर बिहार की जनता का पलायन रोक दूँगा परंतु आज ५ वर्ष पूरे हो गये है तब भी बिहार से मज़दूरो का पलायान नही रुका. जगतगुरू ने जनता को याद दिलाया की नीतीश सरकार ने ५ वर्षो तक एक भी नये या बंद पड़े हुए कारखानो को नही खुलवाया.कल कारखाने खोलने के कार्य को नज़रअंदाज़ कर नीतीश सरकार सिर्फ़ कब्रिस्तान घेरने के कार्य में लगी रही.यहाँ तक की भाजपा सरकार के सुशील मोदी जो हमेशा राम राम कहा करते थे वे भी राम का नाम भूल चुके है, यदि उनकी सरकार में दम है तो अब राम मंदिर बनाने की घोषणा करें अन्यथा हिंदुओं को गुमराह करना बंद करे.
जगतगुरू ने आम जनता से यह अपील किया की यदि हिंदुओं को बचाना है तो राष्ट्र सेवा दल के चुनाव चिन्ह नगाड़ा पे मुहर लगा के उनको विजयी बनाए.
Tuesday, October 26, 2010
राष्ट्र सेवा दल की ओर से बिहार चुनावों में हिंदुओं का नेतृत्व करते हुए जगतगुरू वामाचर्या

बिहार में आगामी चुनाव को लेकर जगतगुरू वामाचर्या सेवक संजयनाथ ने हिंदुओं का नेतृत्व कर रही पार्टी राष्ट्र सेवादल के समर्थन में पूरे उत्तर बिहार में राष्ट्र सेवा दल के सचिव श्री प्रदीप जोशी के साथ हेलिकॉप्टर से दौरा किया.
यह दौरा पटना से शुरू हो कर आज गोपालगंज, थावे आदि इलाक़ों में चल रहा है.

जगतगुरू वामाचर्या सेवक संजयनाथ जी ने बिहार की जनता से कहा है की राष्ट्र सेवा दल सिर्फ़ हिंदुओं की पार्टी है.
Thursday, September 30, 2010
हाइ कोर्ट के निर्णय ने हिन्दुस्तान के स्वाभिमान को बढ़ाया....
आज उच्य न्यायालय से राम जन्मभूमि के पक्ष मे जो आदेश आया उस से सिद्ध होता है की भारत में अभी भी सभी अधिकारी राष्ट प्रेम से बँधे हुए हैं एवम भारतीय संस्कृति को बरकरार रखने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं.
आज के इस निर्णय से हमें यह लगता है की यदि इस मुद्दे में राजनीतिकरण नही हुआ होता तो आज इस निर्णय को आने में साठ वर्ष नही लगते ऑर यह मामला ३-४ वर्ष में ही सुलझ जाता. उच्य न्यालय के जजों ने यह साबित कर दिया की भारत की पहचान बाबर नही राम हैं.
आज मैं भारत के मुस्लिम समुदाय से यह कहना चाहता हूँ की जिस बाबर के नाम पर यह मस्जिद की लड़ाई हो रही थी उस बाबर के बारे में थोड़ा सोचे क्योंकि वह बाबर एक विदेशी आक्रमणकारी था. भारत के बहुताय मुस्लिमों के पूर्वज हिंदू ही थे जिन्हे बाबर ने जबरन मुस्लिम धर्म में परिवर्तित किया था. वैसे आक्रमणकारी के लिए हम अपने देश में आपस में लड़ते रहे यह देश के लिए अची बात नही है.
इसलिए मेरी मुस्लिम समुदाय से यह अपील है की वे अपने विशाल काया का प्रदर्शन करते हुए अपने हिस्से की ज़मीन भी राम मंदिर के निर्माण हेतु दान कर दें. इस से ही हिंदू मुस्लिमों के साथ साथ भारत का भी कल्याण होगा.
साथ साथ मैं कॉंग्रेस पार्टी को भी बधाई देना चाहता हूँ. जब राजीव गाँधी की सरकार थी तब रामलला के जन्म भूमि का ताला खुला ओर हिंदुओं ने अपना पूजा पाठ करना फिर से चालू किया. ऑर आज एक बार फिर कॉंग्रेस की सरकार ने रामलला की जन्म भूमि को वापस अपना स्थान दिला दिया. लेकिन जो पार्टी राम के नाम पर सरकार में गयी वह सिर्फ़ यह चाहती थी की राम के नाम पर मुझे गद्दी मिलती रहे पर राम के लिए वे कुछ ना करें. इसीलिए राम ने उनकी गद्दी छीन ली और वापस से कॉंग्रेस की सरकार
बनाई.
Wednesday, April 14, 2010
जगतगुरु वामचार्य सेवक संजयनाथ द्वारा महा कुम्भ हरिद्वार में शाही स्नान संपन्न
जगतगुरु वामचार्य सेवक संजयनाथ द्वारा महा कुम्भ हरिद्वार में शाही स्नान आज संपन्न. गुरुनाथ अखाडा की पेशवाई ने आज महा कुम्भ के अंतिम शाही स्नान में चार चाँद लगा दिए. भक्त जानो का उल्लास और भीड़ देखने वाली और अपने आप में एक ऐतिहासिक घटना थी.
जगतगुरु वामचार्य की एक झलक पाने के लिए सभी श्रद्धालु जन अपने अपने पंडालों से बहार आ आ कर, भीड़ कों चीरते हुए उन्हें शाष्टांग दंडवत कर अपने आप कों सौभाग्यशाली बना रहे थे.
जगतगुरु वामचार्य महाराज की पेशवाई अपने आप में इतनी मनमोहक थी की गुरुनाथ अखाडा का नाम समस्त सनातन धर्म के बड़े बड़े अखाड़ो से कहीं पीछे नहीं रहा.
जगतगुरु वामचार्य की एक झलक पाने के लिए सभी श्रद्धालु जन अपने अपने पंडालों से बहार आ आ कर, भीड़ कों चीरते हुए उन्हें शाष्टांग दंडवत कर अपने आप कों सौभाग्यशाली बना रहे थे.
जगतगुरु वामचार्य महाराज की पेशवाई अपने आप में इतनी मनमोहक थी की गुरुनाथ अखाडा का नाम समस्त सनातन धर्म के बड़े बड़े अखाड़ो से कहीं पीछे नहीं रहा.
Wednesday, March 17, 2010
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